महात्मा गांधी की जीवनी,जीवन परिचय, निबंध (जन्म, मृत्यु, हत्या) Mahatma Gandhi story biography history in Hindi

महात्मा गांधी की जीवनी,जीवन परिचय, निबंध (जन्म, मृत्यु, हत्या) Mahatma Gandhi story biography history in Hindi, gandhi jayanti poster,gandhi jayanti whatsapp status,gandhi jayanti wishes,gandhi jayanti quotes in english,gandhi jayanti quotes in hindi,gandhi jayanti images

Mahatma Gandhi biography in Hindi
Mahatma Gandhi biography Hindi

महात्मा गांधी की जीवनी, निबंध, मोहनदास करमचंद गांधी का जीवन परिचय माता, पत्नी, बेटा -बेटी,हत्यारे का नाम, जन्म- मृत्यु, आंदोलनों के नाम की लिस्ट, सुचि( Mahatma Gandhi Biography (Jivani) jivan Parichay story itihas history In Hindi), 

जब जब भारत वर्ष का नाम जिस भी भारतीय के दिल में आता है तो साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम का ख्याल भी उनके मन में आता है किस प्रकार वीरों नें अपने बलिदान देके भारत को ब्रिटिश ताकतों से आजाद कराया है उन सभी वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान पूरा भारत व भारतवासियों के हमेशा याद दिलाता रहेगा कि न जाने कितने सैनानियों ने अपना लहू बहा कर भारत को बेड़ियों के बधंन से मुक्त कराया।

स्वतंत्रता संग्राम की जब जब बात की जाएगी तब तब उन वीरों को याद किया जाएगा जिन्होंने भारत को आजाद कराने में अपना जीवन भारतमाता को सौंप दिया।आइये दोस्तो आज हम जिस स्वतंत्रता सेनानी की बात करने जा रहें उनका नाम है मोहनदास करम चंद गांधी। बच्चे उन्हें प्यार से बापू के नाम से बुलाया करते है।

गांधी जी यह वह नाम जिसनें भारत के इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया यही कारण है प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर के दिन इनके जन्म दिवस के मौके पर ऐसा कोई साल नहीं जाता जब जब इन्हें याद नहीं किया जाता है।

चलिये स्वतंत्रता सेनानियों की बात की जा रही है तो आपको बताते चलते है स्वतंत्रता सेनानियों में दो तरह की सेनानियों का योगदान रहा है परन्तु जिस सेनानियों में गांधी जी का नाम लिया जाता है वह अधिक कामगर माना जाता है क्योंकि गांधी जी का मानना था हिंसा करना किसी भी अधिकार को मांगने का सही रास्ता है जिसका गांधी जी नें पूरी जिंदगी संघर्ष पूर्वक हिम्मत से सामना किया और कभी भी पीछे नहीं हटे।

स्वतंत्रता सेनानियों में दो तरह के स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष किया-

  • एक तो थे गर्म दल के

           और

  • दूसरे थे नरम दल के

जिसमें से गांधी जी नरम दल के साथ थे क्योंकि वह हिंसा करने में विश्वास नहीं रखते थे उनका मानना था किसी भी चीज को जीतने के लिये हिंसा सही रास्ता नहीं है इसी लिये वह किसी भी हिंसा करने वाले व्यक्ति का कभी भी साथ नहीं दिया करते थे।

Table of Contents

महात्मा गांधी की जीवनी (Mahatma Gandhi Biography In Hindi)

आइयें हम उस विशाल हस्ती के बारे में कुछ चर्चा करते है जिन्होंने भारत वर्ष के लिये अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया-

नाममाहात्मा गांधी
पूरा नाममोहनदास करमचंद गांधी
पिता का नामकरमचंद गांधी
माता का नामपुतलीबाई
जन्म दिनांक2 अक्टूबर, 1869
जन्म स्थानगुजरात के पोरबंदर क्षेत्र में
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षाबैरिस्टर
पत्नि का नामकस्तूरबाई माखंजी कपाड़िया [कस्तूरबा गांधी]
संतान बेटा बेटी का नाम4 पुत्र -: हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास
मृत्यु30 जनवरी 1948
हत्यारे का नामनाथूराम गोडसे

महात्मा गांधी का प्रारंभिक जीवन  [Early Life of Mahatma Gandhi]

माहात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनादस करमचंद गांधी था गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को भारत देश के गुजरात राज्य के पोरबंदर क्षेत्र में हुआ था, उनके पिता का नाम श्री करमचंद गांधी था व माता का नाम पुतलीबीई था जो कि एक धार्मिक प्रवृति की महिला थी, गांधीजी के जावन में उनकी माता का बहुत अधिक प्रभीव रहा, उनका विवाह मात्र 13 वर्ष की उम्र में ही हो गया था जिनके साथ उनका विवाह संपन्न हुआ था उनका नाम था कस्तूरबा गांधी जो उनसे उम्र में एक वर्ष बड़ी थी।

माहात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका की यात्रा-

जब गांधी जी अपनी ग्रेजुएशन करने के पश्चात् दक्षिण अफ्रीका अपनी आगे की पढ़ाई के लिए गए, लेकिन वहां पर हिन्दुस्तानियों के साथ होने वोले व्यवहार के आहतित होकर उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में ही होने वाले अन्याय के खिलाफ अवज्ञा आंदोलन चलाया और इस आंदोलन के समाप्त होने के पश्चात् भारत वापिस आए।

माहात्मा गांधी जी दक्षिण अफ्रीका बेरिस्टर की पढ़ाई करने के लिए गए थे जिसके समाप्त होने के पश्चात् वह भारत आकर देश की सेवा करना चाहते थे और भारतवासियों पर होने वाले अत्याचार के प्रति आवाज उठा सकें।

गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से वर्ष 2015 में लौट कर वापिस भारत आ गए थे। दक्षिण अफ्रीका से लौटने के पश्चात् गांधी जी द्वारा कई विभिन्न आंदोलन जलाये गये जिनके बारे में नीचे आपको संक्षेप में आपका ज्यादा समय लिए बिना जानकारी प्राप्त हो जाएगी जिनमें हम उनके जीवन की सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों के बारे में जानकरी आपको प्रदान करने की पूरी कोशिश करेंगें।

दक्षिण अफ्रीका से लौटने के पश्चात साबरमती आश्रम की स्थापना की-


महात्मा गांधी का भारत आगमन और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना [Return to India and Participation in Freedom Struggle

 वर्ष 2015 में दक्षिण अफ्रीका से लौटने के पश्चात् गांधी जी देश की आजादी के लिए अपने कदम उठाना प्रारम्भ कर दिया और वर्ष 2015 मे ही अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे पर इन्होंने साबरमती आश्रम की स्थापना की और आंदोलन में कूद पड़े।

  • कांग्रेस पार्टी के मार्गदर्शक तिलक की मृत्यु के पश्चात् गांधी जी के सिर पार्टी की जिम्मेदारियां आ गई थी अब से वही कांग्रेस के मार्गदर्शक थे।
  • वर्ष 1914-1919 तक चले प्रथम विश्व युद्ध समाप्त होने के पश्चात् भारत को आजाद करने का आश्वासन ब्रिटिश सरकार द्वारा दिया गया जिसके पूरा न होने के कारण इस बात से दुखी गांधी जी नें एक के बाद एक कई आंदोलन करना शुरू कर दिया था, जो कि इस प्रकार है-  
  • चम्पारण सत्याग्रह – 1917(गरीब किसानो की मांग को पूरा करवाने के संबंध में आंदोलन)
  • खेड़ा सत्याग्रह – 1918(सूखा पड़ने के कारण कर न भर पाने के कारण उन्हें जेल मे बंद कर दिया जिसका विरोध कर गांधी जी द्वारा किया गया और ब्रिटिश सरकार को उनका कर माफ करना पड़ा।)
  • अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन – 1918(मिल मजदूर द्वारा बोनस की मांग को पूरा कराने के संबंध में यह आंदोलन चलाया गया जिसके पश्चात् गांधी जी बहुत प्रशंसा हुई)
  • खिलाफत आन्दोलन – 1920(खलीफा उपाधी को खत्म करने के ब्रिटेशों पर रोश के चलते चलाया गया अभियान खिलाफत आन्दोलन के नाम से जाना जाता है।)
  • असहयोग आंदोलन – 1920(भारतवासियों द्वारा ब्रिटिश सरकार को अब तक जितना भी सपोर्ट मिला था उसके खिलाफ अब सभी लोगों ने असहयोग करना शुरु कर दिया था जिसे असहयोग आंदोलन के नाम से जाना जाता है।)
  • नमक आंदोलन (सविनय अवज्ञा आंदोलन) – 1930(नमक पर लगने वाले कर के खिलाफ चलाया गया आंदोलन सविनय अवज्ञा आंदोलन के नाम से जाना जाता है।)
  • भारत छोड़ो आंदोलन – 1942(अंग्रेजो के खिलाफ बहुत ही क्रोध में आकर में यह आंदोलन शुरु किया गया जिसके पश्चात अंग्रेजी हुकूमत वापिस जाने पर मजबूर हो गई।)

इन सभी आंदोलन के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है-

चंपारन आंदोलन (1917)

गांधी जी द्वारा वर्ष 2017 में चलाया गया आंदोलन चंपारन भारत में उनके आंदोलनोकी शुरुआत थी और इनमें वे सफल रहे, ये सत्यग्राह ब्रिटिश के खिलाफ चलाया गया था इस आंदोलन का कारण था गरीब किसानों पर नील की पैदावार करने के लिए विवश किया जा रहा था और इतना ही नहीं बल्कि उन्हें इस बात पर भी विवश किया जा रहा था कि वे इसका मूल्य भी निश्चित चाहते थे जबकि किसान ऐसा नहीं चाहते थे तब उन्होंने गांधी जी से मदद की गुहार लगाई इस बात पर गांधीजी ने उनका सहयोग किया जिसके बाद वह इस आंदोलन में सफल भी रहें और इसी जीत के साथ अंग्रेजो के खिलाफ उनका पहला आंदोलन कारगर साबित हुआ।

खेड़ा सत्याग्रह (1918)

वर्ष 2018 में गुजरात के एक खेड़ा नामक गाँव में बाढ़ आ गई और जिसके कारण वहां के किसान ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर देने में असक्षम हो गए और वह कर मांफी की मांग करने लगे जिससे क्रोधित होकर ब्रिटिश सरकार ने उन्हें बंदी बना लिया तब किसानों द्वारा गांधी जी का सहयोग लिया गया जिस पर गांधी जी ने उनका साथ देते हुए आंदोलन शुरू कर दिया और बिना कोई हिंसा करे बिना किसानों की मांग को पूरा कराया गया। इस आंदोलन में गांधीजी को जनता से बहुत समर्थन मिला और आखिरकार मई 1918 में ब्रिटिश सरकार को अपने टैक्स संबंधी नियमों में किसानों को राहत देने की घोषणा करनी पड़ी।

खिलाफत आंदोलन(1919)

वर्ष 1919 में गांधीजी को यह एहसास हुआ कि कांग्रेस कहीं न कहीं कमजोर पड़ रही है तब कही उन्होंने कांग्रेस की डूबती नैया को पार लगाने के लिए और साथ ही साथ हिन्दू-मुस्लिम एकता के द्वारा ब्रिटिश सरकार को बाहर निकालने के लिए अपने प्रयास शुरू कर दिए और अपने इस उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह मुस्लिम समाज के पास गये और ब्रिटेशों द्वारा खलीफा की उपाधी पर रोक लगा देने के कारण गांधी जी द्वारा उनका सहयोग किया गया और वैश्विक स्तर पर आंदोलन चलाया गया ।

असहयोग आंदोलन(1920)

विभिन्न आंदोलनो से निपटने के लिए अंग्रेजी सरकार ने सन 1919 में रोलेट एक्ट पारित किया इसी दौरान गांधीजी द्वारा कुछ सभाओं का भी आयोजन किया गया और उन्हीं सभाओं की तरह ही अन्य स्थानों पर भी सभाओं का आयोजन किया गया इसी प्रकार की एक सभा पंजाब के अमृतसर क्षेत्र में जलियांवाला बाग में बुलाई गयी थी और वहाँ इस शांति सभा को अंग्रेजों ने जिस बेरहमी के साथ रौंदा था उसके विरोध में गांधीजी ने सन् 1920 में असहयोग आंदोलन प्रारंभ किया, इस असहयोग आंदोलन का अर्थ ये था कि भारतीयों द्वारा अंग्रेजी सरकार की किसी भी प्रकार से सहायता नही की जाएगी परन्तु इसमें किसी भी प्रकार की कोई हिंसा भी न की जाए।

भारत छोड़ो आंदोलन (1942)

भारत छोड़ो आंदोलन गांधीजी द्वारा शुरू किया गया जिसमे पूरे भारतवासियों द्वारा उनका सहयोग किया गया जिसके कारण सभी भारतवासियो में गुस्सा फूट पड़ा और बच्चें से लेकर बूढ़े और जवान सभी में जोश भर गया और सभी ने इस आंदोलन में बड़-चढ़कर हिस्सा लिया तब गांधीजी ने इसका सही दिशा में उपयोग किया और बहुत ही बड़े पैमाने पर सन् 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत कर दी यह आंदोलन अब तक के हुए सभी आंदोलनो में बेहद ही प्रभावी आंदोलन रहा जो कि अंग्रेजी सरकार के लिए एक बहुत ही बड़ी चुनौती बनकर उनके सामने आ गया।

गांधीजी के आंदोलन की विशेषता

  • इनके द्वारा चलाए गए सभी आंदोलन बेहद ही शांतिपूर्ण ढंग से चलाये जाते थे।
  • गांधीजी हमेशा सत्य और अहिंसा की नींव पर आंदोलन किया करते थे।
  • आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि होने पर गांधीजी द्वारा वह आंदोलन स्थगित कर दिया जाता था।

महात्मा गांधी जी का सामाजिक जीवन

गांधीजी एक बहुत ही साधारण व्यक्ति थे जिसका असर उनके जीवन में साफ-साफ देखने को मिल जाता था, वह हमेशा सफेद रंग की धोती और हाथ में डंडा लेकर चलते थे और हमेशा अपने खाली समय में चरखा चलाया करते थे और उससे धागा बनाया करते थे उनके स्वभाव के कारण ही उन्हें लोगो द्वारा महात्मा कहकर पुकारा जाता था, गांधीजी के पास बस दो हथियार थे जोकि सत्य और अहिंसा थे इन्हीं हथियारों के दम पर उन्होंने भारत को अंग्रेजो से आजाद कराया।

महात्मा गांधीजी की मृत्यु और हत्या करने वाले का नाम

महात्मा गांधी को 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोड्से द्वारा गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी उन्हें 3 गोलियां मारी गई थी और उनके मुंह से निकले अंतिम शब्द थे- “हे राम”

उनकी याद में दिल्ली में राजघाट पर उनका समाधी स्थल बनाया गया है।


राष्ट्रपिता का ख़िताब

महात्मा गांधी को भारत के राष्ट्रपिता का ख़िताब भारत सरकार ने नहीं दिया, अपितु एक बारसुभाषचंद्र बोसने उन्हें राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था।

  • गांधीजी की मृत्यु पर एक अंग्रेजी ऑफिसर ने कहा था कि “जिस गांधी को हमने इतने वर्षों तक कुछ नहीं होने दिया, ताकि भारत में हमारे खिलाफ जो माहौल हैं, वो और न बिगड़ जाये, उस गांधी को स्वतंत्र भारत एक वर्ष भी जीवित नहीं रख सका.”
  • गांधीजी ने स्वदेशी आंदोलन भी चलाया था, जिसमें उन्होंने सभी लोगो से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने की मांग की और फिर स्वदेशी कपड़ों आदि के लिए स्वयं चरखा चलाया और कपड़ा भी बनाया।
  • गांधीजी ने देश – विदेश में कुछ आश्रमों की भी स्थापना की, जिनमें टॉलस्टॉय आश्रम और भारत का साबरमती आश्रम बहुत प्रसिद्द हुआ।
  • गांधीजी आत्मिक शुद्धि के लिए बड़े ही कठिन उपवास भी किया करते थे।
  • गांधीजी ने जीवन पर्यन्त हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए प्रयास किया।
  • 2 अक्टूबर को गांधी जी जन्मदिवस पर समस्त भारत में गांधी जयंती मनाई जाती है।

2 October Speech In Hindi 500 शब्द | mahatma gandhi essay

जैसे की आप सभी लोग इस बात से विदित है की आज हम यहाँ पर गाँधी जयंती के शुभ अवसर पर एकत्रित हुए है। यह गाँधी जी की 152 जयंती मनाई जा रही है। प्रत्येक वर्ष इसी 2 अक्टूबर के दिन गाँधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली के राजघाट में प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति जी के द्वारा समाधि पर पुष्प अर्पित किये जाते है। यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक विशेष दिन के रूप में मनाया जाने वाला एक मुख्य दिन है। गाँधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से तटीय शहर पोरबंदर नामक स्थान में 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था। वह एक ईमानदार व्यक्ति और सच्चे प्रेम भक्त थे। गाँधी जी के द्वारा अपनी कानून की पढाई पूरी करने के पश्चात् वह अभ्यास करने के लिए दक्षिण अफ्रीका चले गए। 21 वर्ष के बाद गाँधी जी के द्वारा शांतिपूर्ण सविनय अवज्ञा और सत्याग्रह के साथ शुरुआत की गयी। विदेश से वापस अपने राष्ट्र आने के बाद गाँधी जी ने अहिंसा के साथ भारत की स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिश साशन के साथ लड़ाई लड़ी। यह स्वतंत्रता की लड़ाई गाँधी जी एवं अन्य सभी स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा लड़ी गयी। काफी लम्बे संघर्षों के बाद भारत को 200 वर्षों के गुलामी के बाद भारत को आजादी मिली।

इतने महान नेता होने के बावजूद भी गाँधी जी खादी के कपडे पहनना पसंद करते थे। उनके द्वारा भारतीय संस्कृति की प्राचीन परम्परा का पालन किया जाता था। गाँधी जी ने सभी भारतीय नागरिकों को अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। गाँधी जी देशभक्ति एवं संघर्ष के कारण ही भारत वर्ष को आजादी मिली है। गाँधी जी ने अपने जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा भारत को आजादी दिलाने के लिए बिताया है। राष्ट्र को आजादी दिलाने के लिए गाँधी जी को कई बार जेल भी जाना पड़ा लेकिन उन्होंने अपने देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए हार नहीं मानी। उनके द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ कई प्रकार के आंदोलन शुरू किये गए जिसमें प्रमुख रूप से ”अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन सविनय अवज्ञा आंदोलन और असहयोग आंदोलन जैसे कई आंदोलनों का नेतृत्व किया गया। इसके आलावा गाँधी जी के द्वारा वर्ष 1930 में दांडी यात्रा और नमक सत्याग्रह शुरू किया गया। जिसके लिए वह 400 किलो मीटर की दूरी तक पैदल चले थे।

गाँधी जी ने अपने जीवन काल में बहुत महान कार्य किये है। तभी तो वह आज के आधुनिक युग के लोगो में भी प्रभाव डालते है। स्वराज प्राप्त करने और समाज से छुआ-छूत जैसी कु प्रथा को दूर करने ,एवं अन्य प्रकार की सामाजिक बुराइया दूर करने के लिए किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए ,और महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए गाँधी जी के द्वारा विभिन्न प्रयास किये गए। भारत को आजादी दिलाने के लिए गाँधी जी के साथ मिलकर कई स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा अपना योगदान दिया गया जिसमें प्रमुख रूप से है-भगत सिंह ,राजगुरु ,सुभाष चंद्र बोस ,लाला लाजपत राय आदि। भारत के इतिहास में गाँधी जी के साथ सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जाता है। लंबे संघर्ष के बाद आखिकार 15 अगस्त 1947 के दिन भारत को स्वतंत्रता मिली। जिसको पुरे भारत वर्ष में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही वर्ष 1948 में 31 जनवरी के दिन महात्मा गाँधी की हत्या कर दी गयी। यह हत्या हिन्दू महासभा के सदस्य नाथू राम गोडेस के द्वारा की गयी।


2अक्टूबर पर भाषण के लिए प्रमुख 10 लाइन

  • 2 अक्टूबर 1869 को गांधीजी का जन्म हुआ था, इस दिन गांधीजी को श्रंद्धाजलि देने के लिए पुष्प और मालाएं अर्पित की जाती है।
  • गांधीजी का पूरा नाम मोहन दास करम चंद गांधी था।
  • गांधी जी का जन्म गुजरात राज्य के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था।
  • गांधी जी के सम्मान में विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • गांधीजी हमेशा सत्य और अंहिसा की राह पर चलते थे।
  • गांधीजी सच्चे देश भक्त और ईमानदार व्यक्ति थे।
  • संघर्ष करने के लिए नेता जी सुभाष चंद्र बोस द्वारा उन्हें राष्ट्रपिता की उपाधी दी गई।
  • भारत के इतिहास में देश को आजादी दिलाने के लिए गांधीजी के कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा , वह देश के सच्चे प्रेमी थे।
  • ब्रिटिश शासन से आजादी के लिए लड़ाई लड़ने के लिए गांधीजी के द्वारा अहिंसा शब्द का प्रयोग किया गया था।
  • देश को स्वतंत्र कराने के लिए उनके द्वारा विभिन्न आंदोलन का आयोजन किया गया जिसमे से भारत छोड़ों आंदोलन बहुत ही प्रमुख है।


FAQ’s

Q: गाँधीजी का जन्म कब हुआ?

Ans: 2 अक्टूबर 1869

Q: गाँधीजी का जन्म कहाँ हुआ?

Ans: गुजरात के पोरबंदर में

Q: गाँधीजी को गोली किसने मारी?

Ans: नाथूराम गोडसे ने

Q: गाँधीजी की मृत्यु कब हुई?

Ans: 30 जनवरी 1948


Gandhi Jayanti Whatsapp Status,Gandhi Jayanti Wishes,Gandhi Jayanti Quotes in English,Gandhi Jayanti Quotes in Hindi,Gandhi Jayanti Images

happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021
happy gandhi jayanti 2021

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page