Michiyo Tsujimura Biography In Hindi | मिशियो सुजीमुरा का जीवन परिचय

Michyo Tsujimura Biograpgy In Hindi
Michiyo Tsujimura Biography In Hindi

Google ने अपने सर्च इंजन के आज का Doodle जापानी साइंटिस्ट मिशियो सुजिमुरा (Michiyo Tsujimura) को समर्पित किया है। मिशियो सुजिमुरा की आज 133वीं जयंती है, और इस खास मौके पर गूगल ने उनको समर्पित करते हुए अपना खास डूडल पेश किया है। मिशियो सुजीमुरा का जीवन परिचय

इस गूगल डूडल (Google Doodle) में आप एक महिला जो की जापान की वैज्ञानिक मिशियो सुजिमुरा हैं । वैज्ञानिक सुजीमुरा को लैब में रिसर्च करते हुए दिखाया गया है । आपको बता दें, मिशियो सुजिमुरा को ग्रीन टी की खोज करने के लिए जानी जाती है। ग्रीन टी पर महत्वपूर्ण अध्ययन के लिए उन्हें वर्ष 1956 में जापान में कृषि विज्ञान पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चूका है ।

गूगल में सर्च करने के लिए कुछ जब आज सुबह Google का होम पेज खोलेंगे करेंगे, तो आपको जापान की वैज्ञानिक मिशियो सुजिमुरा (Michiyo Tsujimura) को समर्पित करते हुए गूगल का खास डूडल देखने को मिलेगा। इस गूगल के डूडल में आप एक महिला वैज्ञानिक जो कि जापान की मिशियो सुजीमुरा हैं, उनको लैब में कुछ रिसर्च करते हुए दिखाया गया है । उनके पास में एक ग्रीन टी का कप मौजुद दिखाया गया है , सुखी ग्रीन टी और नोटपैड जैसी चीज़ों को दिखाया गया है।

Michyo tsujimura Biography in hindi
Michiyo Tsujimura Biography In Hindi

मिशियो सुजिमुरा का जन्म जापान में 17 सिंतबर 1888 को हुआ था। मिशियो सुजीमुरा की स्कूली शिक्षा खत्म होते ही उन्होंने करियर के लिए सोचना शरू कर दिया और फैसला कर लिया कि उन्हें एक साइंटिस्ट के रूप में अपना करियर बनाना है। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने एक शिक्षिका के रूप में कुछ साल काम किया और फिर होक्काइडो इंपीरियल यूनिवर्सिटी की लेबोरेटरी में असिस्टेंट के रूप में काम करना शरू कर दिया ।

इसके बाद उन्होंने एक और दूसरे लैब में काम शुरू कर दिया , और इस बार वह जिस लैब में काम करती थी वह कृषि से संभंधित था और कृषि के एक डॉक्टर डॉ. उमेतारो सुजुकी के अंडर काम करती रही , जिनको विटामिन बी 1 की खोज के लिए जाना जाता है। उनके अंडर काम करते हुए सुजिमुरा ने अपने असिस्टेंट सितारो मिउरा के साथ प्रयोग करके विटामिन सी के प्राकृतिक स्त्रोत की खोज की, जिसको हम आज ग्रीन टी के रूप में जानते हैं । इस खोज के बाद से अमेरिका में ग्रीन टी का निर्यात तेज़ी से बढ़ने लगा और लोगो में इसकी डिमांड बढ़ने लगी देखते ही देखते ।

वर्ष 1932 में टोक्यो इम्पीरियल यूनिवर्सिटी से कृषि की फील्ड में डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाली प्रथम महिला बनीं। अपनी रिसर्च के अलावा, डॉ सुजिमुरा ने टोक्यो Women’s Higher Normal School में Faculty of Home Economics की डीन के रूप में भी कार्यरत रहकर शिक्षिका के रूप में भी कीर्तिमान स्थापित कर चुकी थी ।

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