NSS Full Form In Hindi | NSS Kya Hota Hai,राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) क्या है, जानिए सबकुछ

NSS 24 september

NSS क्या है व इसकी स्थापना?

हेलो दोस्तों आज हम आपको इस पोेस्ट के माध्यम से (एनएसएस) के बारे में आप को जानकारी देने जा रहे है। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है आज दिनांक 24 सितम्बर 2021 को राष्ट्रीय सेवा योजना (National service scheme day) है तो चलिए सबसे पहले जानते है के आखिर क्या है एनएसएस) ? – स्वैच्छिक समुदाय सेवा के माध्यम से भारतीय युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र के विकास के प्राथमिक उद्देश्य से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को वर्ष1969 में शुरू किया गया था।

NSS day 24th september

एनएसएस इकाइयां उस गतिविधि का आयोजन कर सकती है जो समुदाय के लिए प्रासंगिक है। समुदाय की जरूरतों के अनुसार गतिविधियां जारी हैं। मुख्य गतिविधियों वाले क्षेत्रों में शिक्षा और साक्षरता, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, महिलाओं की स्थिति में सुधार, उत्पादन उन्मुख कार्यक्रम, आपदा राहत तथा पुनर्वास संबंधी कार्यक्रम, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग इत्यादि जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता पैदा करना आदि शामिल है।


NSS में वर्तमान में कुल कितनें सदस्य एवं इकाईयाँ है?

वर्तमान में 39,695 एनएसएस इकाइयों में 36.5 लाख से अधिक स्वयंसेवी हैं जो देश के 391 विश्वविद्यालयों और 2 परिषदों, 16,278 कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों तथा 12,483 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में फैले हुए हैं। इसकी स्थापना के बाद से, 4.78 करोड़ छात्रों को एनएसएस से लाभ हुआ है।

शुरूआती समय में इसे मात्र 37 विश्वविद्यालयों में शुरू किया गया था जिसमें लगभग 40,000 स्वयंसेवियों ने हिस्सा लिया। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतने लगा इसी के साथ-साथ अखिल भारतीय कार्यक्रम बन गया और एनएसएस के अंतर्गत आने वाले शैक्षणिक संस्थानों की संख्या में प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी होती जा रही है।

एनएसएस इकाइयाँ उस गतिविधि का आयोजन कर सकती है जो समुदाय के लिए प्रासंगिक है। समुदाय की जरूरतों के अनुसार गतिविधियां जारी हैं। मुख्य गतिविधियों वाले क्षेत्रों में शिक्षा और साक्षरता, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, महिलाओं की स्थिति में सुधार, उत्पादन उन्मुख कार्यक्रम, आपदा राहत तथा पुनर्वास संबंधी कार्यक्रम, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग इत्यादि जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता पैदा करना आदि शामिल है।

वर्तमान में 39,695 एनएसएस इकाइयों में 36.5 लाख से अधिक स्वयंसेवी हैं जो देश के 391 विश्वविद्यालयों और 2 परिषदों, 16,278 कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों तथा 12,483 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में फैले हुए हैं। इसकी स्थापना के बाद से, 4.78 करोड़ छात्रों को एनएसएस से लाभ हुआ है।

शुरूआती समय में इसे मात्र 37 विश्वविद्यालयों में शुरू किया गया था जिसमें लगभग 40,000 स्वयंसेवियों ने हिस्सा लिया। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतने लगा इसी के साथ-साथ अखिल भारतीय कार्यक्रम बन गया और एनएसएस के अंतर्गत आने वाले शैक्षणिक संस्थानों की संख्या में प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी होती जा रही है।

हम सब जानते है की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित एक केन्द्रीय योजना है। जिसका उदेश्य सभी युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अवसर प्रदान करना है चाहे वह +2 बोर्ड स्तर का छात्र हो, तकनीकी संस्थान, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट या विश्वविद्यालय का छात्र हो। राष्ट्रीय सेवा योजना का एकमात्र उद्देश्य युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा देने में अनुभव प्रदान करना है| वर्ष 1969 में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना के बाद से छात्रों संख्या 40000 से बढकर मार्च 2018 के अंत तक 38 लाख से अधिक विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और उच्च शिक्षा के संस्थानों के छात्रों ने विभिन्न सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए स्वयंसेवा किया है।

एनएसएस के तहत बहुत अच्छे कार्य किए जा रहे हैं और इसमें और ज्यादा अच्छे कार्य करने की क्षमता है। छात्र और एनएसएस स्वयंसेवी युवा भारतीय हैं और वे समाज के सबसे गतिशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के गतिशील नेतृत्व में भारत सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत के बाद एक एकजुट, मजबूत और आधुनिक भारत बनाने के लिए “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के मिशन पर कार्य शुरू किया है। । कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरूआत की गई है। भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान शुरू किया गया है। ‘डिजिटल इंडिया’ पहल भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था में बदलने की कोशिश है। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में अवसर प्रदान करने तथा विदेशों में अवसरों के लिए भारतीयों को तैयार करने के लिए ‘स्किल इंडिया’ की शुरूआत की गयी है।


प्रमुख गतिविधियां-

साहसिक कार्यक्रम: एनएसएस द्वारा ऐसे कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किए जाते हैं, जिसमें लगभग 1500 राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों द्वारा भाग लिया जाता है, जिनमें से कम से कम 50% स्वयंसेवक लड़कियां होती हैं जिससे इन लड़कियों में उत्साह और आत्मविश्वास भर सके और दूसरी और लड़कियों को इनसें प्रेरणा मिल सकें और वे भी इसमें बड़ चढ़कर हिस्सा ले और अपना योगदान दे सकें। ये शिविर मुख्यत उत्तर पूर्व क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश और हिमालयी क्षेत्र में आयोजित किए जाते हैं।

राष्ट्रीय एकता शिविर: राष्ट्रीय एकता शिविर (एनआईसी) हर साल आयोजित किया जाता है और प्रत्येक शिविर की अवधि दिन-रात बोर्डिंग और लॉजिंग (आना जाना और रुकना) के साथ 7 दिन का होता है। यह शिविर देश के विभिन्न भागों में आयोजित किया जाता है । प्रत्येक शिविर मे 200 राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों को शामिल किया जाता है।


एनएसएस मुख्य काम क्या करती है-

जब भी कोई आपदा या पर्यावरण संरक्षण, सफाई आपातकालीन प्रक्रिया, स्वास्थ्य, साक्षरता कार्यक्रम से संबंधित कार्याें या फिर किसी प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ीतों को राहत पहु्ंचाने का काम एन एस एस द्वारा किया जाता है जिसमें लोगों की सहायता करने के लिए NSS काम करता है।

Q: NSS KA FULL FORM KYA HAI? NSS का फुल फार्म क्या है?

Ans: National service scheme

Q: NSS KI STHAPNA KAB HUYI? NSS स्थापना कब हुई?

Ans: वर्ष1969 में शुरू किया गया

Q: NSS ME SADASYO KI SANKHYA OR LABHARTHI STUDENTS?

Ans: 36.5 लाख से अधिक स्वयंसेवी , 4.78 करोड़ छात्रों को एनएसएस से लाभ हुआ

Q: NSS में वर्तमान में कितनी ईकाईयां काम कर रही है? NSS ME CURRENT ME KITNI EKAIYA KAM KAR RAHI HAI?

Ans: 39,695 एनएसएस इकाइयों

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